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World Trade Organization विश्व व्यापार संगठन

             World Trade Organization 
                 
                      विश्व व्यापार संगठन

 विश्व व्यापार संगठन एकमात्र संस्था है जो विश्व के देशों के मध्य अंतरराष्ट्रीय व्यापार के नियमों का निर्धारण करती है। तथा व्यापार के लाभों को हर सदस्य राष्ट्र तक पहुंचाती है। इसका उद्देश्य आयात व निर्यात को सरल बनाना तथा इसमें निरंतर विकास को सुचारू बनाएं रखना। संगठन द्वारा व्यापार के नियमों को बनाया जाता है तथा देशों के मध्य व्यापार से जुड़े विवादों का निपटारा भी किया जाता है। संगठन व्यापार एवं प्रशुल्क संबंधी मुद्दों पर विचार-विमर्श हेतु मंच प्रदान करता हैं।
स्थापना।     : 1 जनवरी 1995
मुख्यालय    : जिनेवा, स्विटज़रलैंड
सदस्य राष्ट्र।  : 164
महानिदेशक। :  रॉबर्टो अज़ेवाडो
Website।   : www .wto .org
विश्व व्यापार संगठन की स्थापना जनवरी 1995 को को हुईं। विश्व व्यापार संगठन (GATT) ही एक रूप है, जिसे गैट (GATT) से अधिक शक्तियां एवं कार्यों कि जिम्मेदारी दी गई। गैट की स्थापना सन 1948 में द्वितीय विश्व युद्ध के तुरंत बाद 23 सदस्य देशों ने मिलकर की थी। गैट की अंतर्गत सन्न 1994 तक 8 व्यापार वार्ताएं हो चुकी थी। अंतिम व्यापार वार्ता उरुग्वे दौर थी। जिससे विश्व व्यापार संगठन (WTO) की स्थापना हुई। विश्व व्यापार संगठन गैट का वृहद स्वरूप है। 
वास्तव में विश्व व्यापार संगठन समझौता उरूग्वे समझौता ही है। जिसके द्वारा प्रारंभिक गैट अब विश्व व्यापार संगठन समझौते का ही एक भाग बन गया है । जो जनवरी 1 1995 से लागू हुआ।

GATT - General Agreement on Tariffs and Trade
इसकी स्थापना 30 अक्टूबर 1947 को हुई।इसका कार्य क्षेत्र WTO की तुलना में काफी कम एवं सीमित था।

 मुख्य बिंदु :

  • यह एक ऐसा अंतरराष्ट्रीय समझौता है, जिसे या तो पूरी तरह से स्वीकार करना है या पूरी तरह से छोड़ना है। अर्थात इस समझौते की कुछ शर्तों को मानना है और कुछ शर्तों को छोड़ना संभव नहीं है
  • इस समझौते की शर्तों पर हस्ताक्षर करने वाले देशों के बीच बहस हो सकती है। लगभग वर्ष में एक बार या कभी-कभी दो बार इस समझौते में शामिल देशों के प्रतिनिधियों के बीच बहस होती रहती है।
  • कम से कम दो साल में एक बार विश्व व्यापार संगठन में शामिल देशों की सामान्य सभा आयोजित होती है।
  • विश्व व्यापार संगठन में शामिल होने के लिए, राष्ट्र को अपनी आर्थिक और व्यापार नीतियों को विश्व व्यापार संगठन के नियमों के अनुरूप लाना होगा।
  • विश्व व्यापार संगठन के सदस्यों के साथ इसमें शामिल होने की शर्तों पर बातचीत करनी होगी।

  • विश्व व्यापार संगठन के 160 से अधिक राष्ट्र सदस्य हैं । जो विश्व व्यापार के 98 प्रतिशत का प्रतिनिधित्व करते हैं। 


संरचना: 
विश्व व्यापार संगठन की संरचना अथवा संगठन एक मंत्री सम्मेलन द्वारा संचालित होता है। जिसमें सभी सदस्य राष्ट्रों के प्रतिनिधि होते हैं। जो कम से कम दो वर्ष में एक बार मिलते हैं। यह विश्व व्यापार संगठन की संपूर्ण कार्य प्रणाली को चलाते है। यह किसी भी बहुपक्षीय समझौते के अंतर्गत सभी मामलों पर निर्णय लेता है।
विश्व व्यापार संगठन (WTO) सचिवालय के शीर्ष पर महानिदेशक होता है। सदस्य राष्ट्र के मंत्रीयो द्वारा सम्मेलन से महानिदेशक का चयन किया जाता है। और उसके अधिकार, कर्तव्य, सेवा की शर्तों और पद की शर्तों को निर्धारण किया जाता है। महानिदेशक का कार्यकाल 4 वर्ष का होता है। उसके विभिन्न देशों से चुने हुए 4 सहायक होते हैं। महानिदेशक कार्यालय के कर्मियों की नियुक्ति करता है, और उनके कार्यों तथा सेवा के नियमों का निर्धारण करता है। सभी निर्णय मंत्रियों के सम्मेलन द्वारा निश्चित नियमों के अंतर्गत ही होता है।
महानिदेशक प्रशासन समिति को वार्षिक बजट के अनुमान और वित्तीय विवरण देता है, जिसे अंतिम स्वीकृति के लिए सामान्य काउंसलिंग के दो तिहाई  बहुमत से वार्षिक बजट के अनुमान और वित्तीय विवरण को पारित किया जाता है।

विश्व व्यापार संगठन के उद्देश्य :
  • विश्व व्यापार संगठन का उद्देश्य विश्व व्यापार को मुक्त सरल एवं निष्पक्ष बनाना है।
  • सदस्य देशों के मध्य व्यापार से जुड़े विवादों का निवारण करना।
  • सदस्य देशों में लोगों के जीवन स्तर में सुधार करना।
  • इसका उद्देश्य आयात प्रशुल्क, गैर प्रशुलक  अवरोध को को हटाने का प्रयास करना, तथा विश्व व्यापार को सुलभ बनाना।
  • वस्तुओं के उत्पादन एवं उनके व्यापार का विस्तार करना।
  • नए अंतरराष्ट्रीय व्यापार के नियमों तथा प्रावधानों को वस्तुओं व सेवाओं के व्यापार में लागू करना।
  • सदस्य देशों की व्यापारिक नीतियों को तकनीकी एवं ट्रेनिंग कार्यक्रमों की सहायता से सुचारू बनाना।
  • विकासशील राष्ट्रों को तकनीकी एवं कुशल सहायता मुहैया करना।
  • न्याय पूर्ण अपेक्षाओं तथा पर्याप्त लचीलापन के साथ राष्ट्रीय बाजारों को अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए खोलना।

विश्व व्यापार संगठन के कार्य :

  • विश्व व्यापार समझौते के क्रियान्वयन, प्रशासन एवं परिचालन हेतु एक मंच की  सुविधाएं उपलब्ध कराना।
  • सदस्य राष्ट्रों के अंतरराष्ट्रीय व्यापार विवादों के निपटान हेतु नियमों तथा प्रक्रिया का संचालन करता है।
  • यह अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष और विश्व बैंक तथा इसकी सहयोगी शाखाओं के मध्य विश्व व्यापार के लिए नीतियों का निर्धारण करता है।
  • व्यापार एवं प्रशुल्क संबंधी मुद्दों पर विचार विमर्श करने हेतु एक मंच प्रदान करता है।
  • यह सदस्य राष्ट्रों के लिए मंत्री स्तरीय कांफ्रेंस का संचालन करता है। जिसमें बहुपक्षीय व्यापार समझौते तथा निर्णयों का निर्धारण होता है।

वार्षिक विवरण

विश्व व्यापार संगठन अपनी वार्षिक रिपोर्ट जारी करता है। जिसमें पिछले एक साल में विश्व व्यापार संगठन की गतिविधियों का व्यापक अवलोकन किया जाता है। तथा इसमें विश्व व्यापार संगठन के बजट और स्टाफिंग के बारे में जानकारी शामिल होती है।

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